मध्यप्रदेश के रायसेन जिला जेल में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक कैदी ने एक प्रहरी पर गोली चला दी। पहले धारा 307 और बाद में धारा 302 के आरोपी नीलेश ठाकुर ने जेल प्रहरी दिग्विजय सिंह तोमर को गोली मार दी। विचाराधीन कैदी द्वारा इस खौफनाक वारदात को अंजाम देते ही जेल के अंदर हड़कंप मच गया। गोली की आवाज सुनकर अन्य प्रहरी मौके पर पहुंचे और देखा की प्रहरी दिग्विजय सिंह तोमर को गोली लगी है। घटना के बाद जेल प्रहरी को रायसेन जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे भोपाल एम्स अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया।
जेल प्रहरी की हालत गंभीर
बताया जा रहा है कि आरोपी निलेश ठाकुर 307 और बाद में धारा 302 का आरोपी है और विचाराधीन कैदी है। निलेश ठाकुर ने भागने की कोशिश में जेल प्रहरी दिग्विजय सिंह तोमर को दो गोली मार दी। इस हमले में दिग्विजय सिंह तोमर को एक गोली कंधे के पास तो दूसरी गोली पीठ में लगी है। गोली की आवाज सुनकर जेल में मौजूद अन्य जेलकर्मी दिग्विजय सिंह तोमर के पास पहुंचे और उन्हें तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें भोपाल रेफर कर दिया गया।
गोलीकांड में विचाराधीन कैदी है निलेश ठाकुर
आरोपी निलेश ठाकुर बरेली तहसील के ग्राम दिमाड़ा का निवासी है और रायसेन में पहले हुए गोलीकांड का आरोपी है और उस पर धारा 302 का केस चल रहा है। घायल जेल प्रहरी ने बताया कि आज जेल में स्कूली बच्चों का कार्यक्रम होना था, उसको लेकर तैयारियां चल रही थी। इसी बीच कैदी को फलों की टोकरी लेने गेट के पास भेजा गया, तभी उसने जेल प्रहरी से गेट खोलकर भगाने की बात कही। जेल प्रहरी द्वारा मना करने पर विवाद हुआ और इस बीच में आरोपी ने कट्टे से जेल प्रहरी पर दो फायर कर दिए।
कैदी के पास कहां से आया कट्टा?
आखिर अब सवाल यह खड़ा होता है कि जेल में धारा 302 के आरोपी नीलेश ठाकुर के पास कट्टा कहां से आया। जेल प्रहरी का इलाज करने वाली डॉक्टर महक सहयाद्रि का कहना है कि जेल प्रहरी को गोली लगी है और उसे प्राथमिक उपचार के बाद भोपाल एम्स अस्पताल रेफर किया गया है। वहीं जिला अस्पताल के सर्जन डॉक्टर अभिषेक सागर ने बताया की गोली फेफड़ों के निचले हिस्से में पहुंच गई है और फेफड़ों में धीरे-धीरे पानी भरने लगा है इस कारण तत्काल ही जेल प्रहरी को बेहतर इलाज के लिए भोपाल एम्स अस्पताल रेफर किया गया है। पुलिस एसडीओपी प्रतिभा शर्मा ने कहा कि जेल में गोली चलने का मामला संज्ञान में आया है, जांच की जाएगी कि आरोपी के पास से कट्टा कहां से आया।
(रायसेन से अंबुज महेश्वरी की रिपोर्ट)
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